Wednesday, August 23, 2017

इच्छाधारी अम्मा - टाइगर

रेटिंग : 2.5/5
उपन्यास 19 अगस्त 2017  से अगस्त 20,2017 के बीच पढ़ा गया

संस्करण विवरण :
फॉर्मेट : पेपरबैक
पृष्ठ संख्या : 271
प्रकाशक : राजा पॉकेट बुक्स
आई एस बी एन :9789380871271
इच्छाधारी अम्मा

पहला वाक्य :
"सरदार मग्घर सिंह !" जेलर अपने सामने खड़े लम्बे चौड़े सिख नौजवान से बोला-"तुम्हारी सज़ा खत्म हुई।"

जब मग्घर सिंह को अपनी निर्धारित सज़ा के समय से पूर्व आज़ाद कर दिया गया तो उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा। उसने निर्णय ले लिया था कि वो बंतों से मिलेगा और अपने प्यार को शादी के अंजाम तक पहुँचायेगा। इसके इलावा उसके मन में होराबाई नाम की उस बुढ़िया को देखने की भी ललक थी जिसके विषय में मग्घर सिंह को बंतो ने बताया था। होरा बाई का कहना था कि सौ साल की होते ही उसके अन्दर इच्छानुसार रूप बदलने की ताकत आ जायेगी। वैसे तो बात हास्यास्पद थी लेकिन कई लोगों को विश्वास था कि होराबाई सही कह रही थी।

आखिर सच क्या था ? क्या होरा बाई के अन्दर सचमुच इच्छाधारी शक्तियाँ आने वाली थी या वो कोई धोखे बाज थी ? क्या मग्घर सिंह उससे मिला? मग्घर सिंह की उसके साथ मुलाकात कैसे रही?

लेकिन जेल से निकलते ही उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। एक व्यक्ति ने बंतों का अपहरण कर दिया था। और वो चाहता था कि मग्घर सिंह उसके लिए काम करे। 

कौन था ये व्यक्ति ? मग्घर सिंह से क्या काम करवाना चाहता था वो ? क्या बंतो को छुडाने में मग्घर सिंह सफल रहा?

Saturday, August 19, 2017

हॉरर कॉमिक्स मेरे पसंदीदा कॉमिक्स

बचपन से ही मुझे कॉमिक्स पढने का शौक रहा है जो कि अभी तक कम नहीं हुआ है। महीने में दो तीन कॉमिक्स तो पढ़ ही लेता हूँ।  वैसे तो मैंने राज कॉमिक्स, मनोज, मार्वल, डीसी, वर्जिन, जो बाद में लिक्विड हुआ और अब पता नहीं क्या है, सब पढ़ा है और जो भी मिल जाये उसे पढ ही देता हूँ। लेकिन अपनी पसंद की बात करूँ तो मुझे कॉमिक्स में सुपर हीरो जेनर(genre) से ज्यादा हॉरर कॉमिक्स पढना पसंद हैं। शायद यही एक कारण भी है मुझे अन्थोनी की कॉमिक्स पढ़ने में कुछ ज्यादा मज़ा आता था। हाथों से कई बार ठंडी आग निकालने की कोशिश की लेकिन असफल ही हुआ। 😜😜😜😜😜😜😜  ऐसे ही डोगा और सुपर कमांडो ध्रुव की निशाचर पढने का आनन्द भी कुछ और था। इसके इलावा राज वाले हॉरर श्रेणी की कॉमिक्स अलग से निकालते थे। ये मुझे काफी पसंद आती थी। कुछ दिनों पहले ऐसे ही नेट में विचरण करते हुए दोबारा इन कॉमिक्स का ख्याल आया जो मुझे राज की साईट पे ले गया और मैंने निम्न कॉमिक्स को खरीद लिया। अब तो चाव लेकर आराम आराम से पढूँगा। तब तक आप तस्वीर देखकर लुत्फ़ उठाइये।

अन्थोनी के कॉमिक्स 

तीन साँप, चिल्लाओ मत,  बैखौफ मरो, जीवनदाता

गलत काम बुरा अंजाम, लाश्खोर, जिंदा हथियार, दहकता शहर 

हॉरर श्रेणी के कॉमिक्स

तेरहवाँ दिन, लाश के टुकड़े,  खुर्रा, ये सर किसका है 

चीखता कब्रिस्तान, चेहरा चोर, तेरी मौत तेरे सामने, दलदल के नीचे
 आशा करता हूँ कि राज वाले हॉरर श्रेणी के कुछ नये और उम्दा कॉमिक्स निकालेंगे।

अगर आपको कुछ अच्छे हॉरर कॉमिक्स के विषय में पता है तो कमेंट बॉक्स में उसका नाम और प्रकाशक का नाम साझा कर सकते हैं। कॉमिक्स अंग्रेजी में भी हुई तो मुझे दिक्कत नहीं लेकिन हॉरर श्रेणी की होनी चाहिए।
आपने इनमे से कौन सी पढ़ी हैं इसके विषय में भी जरूर बताइयेगा। और कौन सी अच्छी लगी और कौन सी बुरी ये भी बताइयेगा। 

Friday, August 18, 2017

Never Bet Your Life by George Harmon Coxe

Rating : 3/5
Read between 5th of August,2017 and 11th,August,2017

Edition Details:
Format: E-book
Publisher: Wildside Press
Anthology: The Noir Novel MEGAPACK ™: 4 Great Crime Novels
ASIN: B010TO5EMA


First Sentence:
The man who was responsible for Joh Gannon's two suicide attempts in the weeks immediately following the tragic death of his daughter- an only child who had been, in fact, the only relative- came to the Seabeach Motel late in the afternoon of a hot April day.

John was a successful businessman. He had everything going for him. When John's daughter dies in a car crash, he doesn't want to live anymore. He tries twice to kill himself and hence Dave is appointed to watch over him and prevent the suicide attempts. Dave is a lawyer who works for the firm who looked after the John's legal matters . John was Dave's father's friend and so Dave feels responsible for John and agrees to take the responsibility.

After a week of watching Dave is sure that John has gotten over his suicidal tendencies. And at that fateful night Dave, lets his guard down. He's thinking of calling to his office and telling them that his job is done here. But something else is in store for him. That night at club 80 someone spikes his drink and when Dave wakes up, it's already too late.

By the time he reaches home, John is dead. While inspecting the dead body, somebody socks him over his head and runs out. Dave tries to run after him but fails to give a chase.

Dave has let his friend down and he's decided to find the culprit and make him pay for what he has done.

Who killed John? Why was he killed? Who drugged Dave? Did Dave find out the answers that he was looking for?

Disclaimer:

Vikas' Book Journal is a participant in the Amazon Services LLC Associates Program, an affiliate advertising program designed to provide a means for sites to earn advertising fees by advertising and linking to Amazon.com or amazon.in.