नेवर गो बैक | लेखक: ली चाइल्ड | शृंखला: जैक रीचर | अनुवादक: विकास नैनवाल

लेखक अनुराग कुमार सिंह के साथ एक छोटी सी बातचीत

लेखक अनुराग कुमार सिंह के साथ एक छोटी सी बातचीत

लेखक अनुराग कुमार सिंह किशनगंज बिहार से हैं। राज कॉमिक्स में कॉमिक बुक स्क्रिप्ट लिखने से लेखन की शुरुआत करने वाले अनुराग कुमार सिंह अब तक कई कॉमिक्स बुक्स और तीन उपन्यास लिख चुके हैं। वह प्रतिलिपि के कॉमिक्स डिपार्टमेंट में भी कार्यरत हैं। हिंदी में सुपर हीरो विधा पर उपन्यास कम ही लिखें गए हैं। ऐसे में उनके द्वारा लिखे उपन्यास मुखौटों का रहस्य, अमोघ और रक्षपुत्र अपनी एक अलग छाप पाठकों पर छोड़ते हैं। प्रचार प्रसार से दूर रहने वाले अनुराग कुमार सिंह को एक बुक जर्नल द्वारा पकड़ने में काफी पापड़ भी बेलने पड़े हैं। उम्मीद है यह साक्षात्कार आपको पसंद आएगा। 


*****


नमस्कार अनुराग जी, एक बुक जर्नल में आपका स्वागत है। कृपया पाठकों को अपने विषय में कुछ बताएँ। आप मूलतः कहाँ से आते हैं। शिक्षा दीक्षा किधर हुई? फिलहाल कहाँ पर हैं?

मेरा नाम अनुराग कुमार सिंह है। मैं मूलतः किशनगंज, बिहार से हूँ। मेरी शिक्षा दीक्षा मेरे ननिहाल पूर्णिया में हुई है। अभी मैं किशनगंज में ही निवास कर रहा हूँ।

आपका साहित्य से जुड़ाव कैसे हुआ? वह कौन से लेखक या रचनाएँ थीं जिन्होंने पहले पहल आपको आकर्षित किया?

हमारे घर में पढ़ाई का माहौल सदा से रहा है। मेरे पापा खुद भी नोवेल्स पढ़ने के बहुत शौकीन थे। कॉमिक्स आदि की लत भी मुझे उनसे ही मिली है। वो इंद्रजाल कॉमिक्स के बहुत बड़े फैन थे। मेरे ननिहाल में भी पढ़ने का माहौल रहा है। तो आप कह सकते हैं कि मुझे विरासत में मिली है। शुरुआत मैंने फैन्टम, मेंड्रेक, ताऊ जी, चाचा चौधरी आदि से शुरू हुई थी। फिर धीरे धीरे मनोज तुलसी और राज कॉमिक्स से मेरा परिचय हुआ।

*****

पूरा साक्षात्कार पढ़ें एक बुक जर्नल के नवीन ठिकाने पर:

साक्षात्कार: अनुराग कुमार सिंह


अगर आप लेखक हैं, अनुवादक हैं या प्रकाशक हैं और हमारे पटल के माध्यम से पाठको तक अपनी बातचीत पहुँचाना चाहते हैं तो आप contactekbookjournal@gmail.com पर हमसे संपर्क कर सकते हैं। 

FTC Disclosure: इस पोस्ट में एफिलिएट लिंक्स मौजूद हैं। अगर आप इन लिंक्स के माध्यम से खरीददारी करते हैं तो एक बुक जर्नल को उसके एवज में छोटा सा कमीशन मिलता है। आपको इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। ये पैसा साइट के रखरखाव में काम आता है। This post may contain affiliate links. If you buy from these links Ek Book Journal receives a small percentage of your purchase as a commission. You are not charged extra for your purchase. This money is used in maintainence of the website.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

चाल पे चाल