नेवर गो बैक | लेखक: ली चाइल्ड | शृंखला: जैक रीचर | अनुवादक: विकास नैनवाल

एक बुक जर्नल - अब नये ठिकाने पर

 प्रिय पाठकों जैसा कि आपने जानते हैं कि एक बुक जर्नल की शुरुआत एक व्यक्तिगत ब्लॉग की तरह हुई थी। पर समय के साथ हर चीज़ बदलती चली जाती है। फिर जैसे-जैसे चीज़ें बदलती हैं वैसे-वैसे जरूरतें भी बदल जाती हैं। उन जरूरतों की पूर्ति के लिए हम एक जगह से किसी ऐसी दूसरी जगह चले जाते हैं जहाँ वो जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हों।  

ऐसे ही समय बीतता गया और एक बुक जर्नल अपना एक अलग रूप लेता रहा। व्यक्तिगत ब्लॉग के बाद यह एक वेब पत्रिका की शक्ल ले चुका है। 

चूँकि एक वेब पत्रिका को दिखना भी वेब पत्रिका की तरह चाहिए तो मुझे लगा कि एक बुक जर्नल को एक नया रूप देना चाहिए। इसी विचार के चलते एक बुक जर्नल को ब्लॉगर से वर्डप्रेस की तरफ ले जाना पड़ा। 

एक बुक जर्नल


एक बुक जर्नल का ये नया रूप अब काफी समय से सक्रिय है। एक बुक जर्नल अब समीक्षा, साक्षात्कार, खबरों के अतिरिक्त पुस्तक अंश और कहानियाँ भी प्रकाशित कर रहा है। 

उम्मीद है एक बुक जर्नल का यह नवीन रूप आपको पसंद आएगा और आप इसे उतना ही प्यार देंगे जितना कि आप हमें अब तक देते आयें हैं। 


एक बुक जर्नल का नवीन ठिकाना ये रहा:

एक बुक जर्नल

आपको एक बुक जर्नल का यह नवीन रूप कैसा लगा हमें यह बताना न भूलिएगा। नये ठिकाने पर हम आपका इंतजार करेंगे। 

अगर आप भी एक बुक जर्नल में अपने लेख, समीक्षाएँ, साहित्य या पुस्तक प्रेम से जुड़े संस्मरण प्रकाशित करवाना चाहते हैं तो आप अपनी रचनाएँ हमें contactekbookjournal@gmail.com पर भेज सकते हैं।

FTC Disclosure: इस पोस्ट में एफिलिएट लिंक्स मौजूद हैं। अगर आप इन लिंक्स के माध्यम से खरीददारी करते हैं तो एक बुक जर्नल को उसके एवज में छोटा सा कमीशन मिलता है। आपको इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। ये पैसा साइट के रखरखाव में काम आता है। This post may contain affiliate links. If you buy from these links Ek Book Journal receives a small percentage of your purchase as a commission. You are not charged extra for your purchase. This money is used in maintainence of the website.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

चाल पे चाल