नेवर गो बैक | लेखक: ली चाइल्ड | शृंखला: जैक रीचर | अनुवादक: विकास नैनवाल

कुलदेवता का रहस्य | राम 'पुजारी' | बुकऑडियो

संस्करण विवरण:

फॉर्मैट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 116 | प्रकाशक: बुक ऑडियो 

पुस्तक लिंक:  अमेज़न 



कहानी 

श्याम प्रसाद का परिवार इन दिनों परेशान चल रहा था। कुछ समय से उसके परिवार पर विपत्तियों के आने का सिलसिला ही चल निकला था। वह एक विपत्ति से खुद को निकालते तो दूसरी विप्पति उन्हें मुँह बाए खड़ी दिखाई देती।

अब श्याम का एक्सीडेंट हो गया था और वो कोमा में चला गया था।

डॉक्टरों की माने तो उसके शरीर में ऐसी चोट नहीं लगी थी कि उसकी बेहोशी इतनी लंबी खिंचे। ऐसे में श्याम की बेहोशी का कारण उनकी समझ से परे था।

आखिर श्याम के ऊपर विप्पतियों का यह पहाड़ क्यों टूट पड़ा था?

आखिर श्याम और उसके परिवार की हुई इस हालत के पीछे कौन जिम्मेदार था?


किरदार 

नन्ही - एक ग्यारह वर्ष की लड़की
नीलिमा - नन्ही की मां 
श्याम - निलीमा का पति 
हेमंत - पुजारी का बेटा और श्याम का दोस्त जो अब पूजा पाठ करता था
दुर्गा प्रसाद - श्याम के दादाजी
महुआ - दुर्गा प्रसाद की पत्नी
लक्ष्मी प्रसाद - दुर्गा प्रसाद के पिता
भानु प्रसाद - दुर्गा प्रसाद का बड़ा बेटा
शशि प्रसाद - दुर्गा प्रसाद का छोटा बेटा
महेंद्र - भानु प्रसाद का बड़ा बेटा
सुरेंद्र - महेंद्र का छोटा भाई
लछमन दास - अयोध्या का साहूकार जो कि दुर्गाप्रसाद के पिता का मित्र था
बुद्धया - लछमन दास का नौकर
शीला - सुरेंद्र की पत्नी
धीरज - पुजारी जी, हेमंत के पिता
राम प्रसाद - श्याम का बड़ा भाई
राजीव - श्याम का छोटा भाई
दीपका - विवेक की पत्नी
कविता - विवेक की बहन


मेरे विचार

क्या जादू टोना होता है? क्या भूत प्रेत होते हैं? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसके विषय में हर व्यक्ति अलग अलग विचार रखता है। कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं और कई लोग जिन्होंने इसका अनुभव किया होता है वो इसके होने पर विश्वास रखते हैं। वैसे यह भी अपने आप एक सच है कि मनुष्य इस धरती पर चाहे कहीं  भी बसा हो उसके समाज में जादू, टोना और मंत्र तंत्र की उपस्थिति रही ही है।  भारत में भी मंत्र तंत्र के विषय में हर राज्य की अपनी धारणा है और यह धारणाएँ हर धर्म को मानने वाले लोगों में दिख जाती हैं। इन बातों को भले ही कई लोग अंधविश्वास कहकर नकारे लेकिन इनसे जुड़ी कथाएँ काफी रोमांचक रहती है और इन्हें पढ़ने का अपना एक अलग मज़ा रहता है। मुझे भी भयकथाएँ पसंद हैं और इन भय कथाओं की एक उपविधा तंत्र मंत्र या जादू टोने से संबंधित साहित्य होता है जिसे अंग्रेजी में ऑकल्ट (occult) भी कहा जाता है। लेखक राम 'पुजारी' का उपन्यास 'कुलदेवता का रहस्य' एक ऐसी ही उपन्यास है जिसमें तंत्र मंत्र, जादू, टोने के तत्वों को लेकर वो एक ऐसी कथा आपको देते हैं जिसे आप पढ़ते चले जाते हैं।  मूलरूप से यह एक ऐसे परिवार की कहानी है जो कि उस शक्ति से लड़ते दिखता है जिसे उसका रक्षक होना चाहिए था लेकिन अब वह शक्ति अपने अहम और अपनी वासना के कारण उस परिवार का भक्षक बनने पर तुली थी। 

उपन्यास की कथा एक अस्पताल से शुरू होती है जहाँ पर श्याम बेहोश पड़ा है। पाठक को पता लगता है कि श्याम पिछले तीन दिन से अस्पताल में बेहोश है लेकिन उसके बेहोश होने के कारण डॉक्टरों को समझ नहीं आ रहा है। जैसे जैसे कथानक आगे बढ़ता है वैसे वैसे पाठक जानते हैं कि केवल श्याम ही पीड़ित नहीं है बल्कि कुछ समय से श्याम के साथ साथ उसके परिवार के बाकी सदस्य भी विपत्तियों का सामना कर रहे हैं। यह विपत्तियाँ क्या हैं और इनके पीछे क्या कारण है यह धीरे धीरे पाठक को पृष्ठ पलटने के साथ पता चलता जाता है। 

*****

विस्तृत लेख एक बुक जर्नल के नवीन ठिकाने पर:

समीक्षा: कुलदेवता का रहस्य

पुस्तक लिंक:  अमेज़न 


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2 Comments
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  1. 'कुल देवता का रहस्य' के विषय में अच्छी समीक्षा दी है।
    धन्यवाद

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    Replies
    1. जी लेख आपको पसंद आया ये जानकर अच्छा लगा। आभार।

      Delete

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